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Wednesday, 15 November 2017

GST से आई गुड न्यूज़, अब 177 सामानों पर टैक्स 28% से घटाकर 18% हुआ

November 15, 2017 0

GST से आई गुड न्यूज़, अब 177 सामानों पर टैक्स 28% से घटाकर 18% हुआ





जीएसटी से नाराज़ आम जनता और कारोबारियों के लिए अच्छी खबर है. जीएसटी काउंसिल की बैठक में 177 सामानों पर जीएसटी दर घटाने का फैसला किया गया है. ऐसे 228 सामान जिनपर अब तक 28 फीसदी टैक्स लगते थे, अब उनमें से 177 सामान पर 18 फीसदी टैक्स लगेंगे और बाकी 50 सामान पर 28 फीसदी टैक्स लगेंगे.

जीएसटी काउंसिल का ये फैसला जनता, कारोबारियों और मोदी सरकार तीनों के लिए राहत की खबर है. आम जनता और कारोबारी जीएसटी की महंगी दर से खासे नाराज़ थे तो मोदी सरकार की जमकर आलोचना हो रही थी.

जीएसटी काउंसिल के फैसले के बारे में ABP न्यूज़ को जानकारी देते हुए काउंसिल के अध्यक्ष और बिहार के डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि अब तक 227 आइटम्स ऐसे थे जिनपर 28 फीसदी टैक्स लगते थे, अब उनकी संख्या घटाकर 50 कर दी गई है. उन्होंने कहा कि 117 सामान पर अब 18 फीसदी टैक्स लगेंगे.

हालांकि, उनका कहना था कि जिन सामानों पर टैक्स की दर घटाई गई है उनपर पहले भी 25 से 30 फीसदी टैक्स लगता था.

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सितंबर में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर घटकर 3.8 प्रतिशत हुई

November 15, 2017 0

सितंबर में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर घटकर 3.8 प्रतिशत हुई




अर्थव्यवस्था के मोर्चे से बुरी खबर है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के खराब प्रदर्शन के साथ साथ टिकाऊ उपभोक्ता सामान खंड में गिरावट से भी औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि प्रभावित हुई. औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) आधारित कारखाना उत्पादन सितंबर 2016 में पांच प्रतिशत बढ़ा था जबकि इस साल अगस्त में इसमें 4.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी.

केंद्रीय सांख्यिकी संगठन के आंकड़ों के अनुसार चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर 2.5 प्रतिशत रही जो कि पिछले वित्त वर्ष की समान छमाही में यह 5.8 प्रतिशत थी. सितंबर महीने में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की वृद्धि दर घटकर 3.4 प्रतिशत रह गई जो कि पिछले साल 5.8 प्रतिशत रही थी. सूचकांक में इस क्षेत्र का भारांक 77.63 प्रतिशत है. अप्रैल सितंबर के दौरान मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की वृद्धि दर 1.9 प्रतिशत रही जो कि बीते वर्ष समान अवधि में 6.1 प्रतिशत थी.

टिकाऊ उपभोक्ता सामान खंड ​का उत्पादन सि​तंबर में तुलनात्मक रूप से 4.8 प्रतिशत घटा जबकि सितंबर 2016 में इसमें 10.3 प्रतिशत की बढोतरी दर्ज की गई थी. इस वित्त वर्ष की पहली छमाही में इस खंड का उत्पादन 1.5 प्रतिशत घटा जबकि पिछले साल इसमें 6.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी.

बिजली उत्पादन क्षेत्र की वृद्धि दर सितंबर में घटकर 3.4 प्रतिशत रही जो कि एक साल पहले 5.1 प्रतिशत थी. हालांकि खनन क्षेत्र ने आलोच्य महीने में 7.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की जबकि एक साल पहले इसमें 1.2 प्रतिशत की गिरावट थी.

आंकड़ों के अनुसार सितंबर महीने में प्राथमिक वस्तुओं की वृद्धि दर 6.6 प्रतिशत व पूंजीगत सामान की वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रही. वहीं गैर टिकाऊ उपभोक्ता सामान खंड की वृद्धि दर इस दौरान 10 प्रतिशत रही.
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ICICI में मिनिमम बैलेंस नहीं रखने पर कितना है चार्ज, कितनी बार ATM से निकासी है फ्री

November 15, 2017 0

ICICI में मिनिमम बैलेंस नहीं रखने पर कितना है चार्ज, कितनी बार ATM से निकासी है फ्री

इस वक़्त हर शख्स के लिए बैंक अकाउंट रखना जरूरी हो गया है. सरकार भी जन धन योजना के तहत लोगों को बैंक खाते खोलने के लिए प्रोत्साहित कर रही है. लेकिन बड़े शहरों में बड़ी संख्या में लोग  निजी बैंक आईसीआईसीआई के ग्राहक हैं.

ऐसे में जानिए- जानें, ICICI में मिनिमम बैलेंस नहीं रखने पर कितना है चार्ज, कितनी बार ATM से कैश निकासी है फ्री बचत खातों के लिए मिनिमम बैलेंस

सबसे पहले ICICI में आम बचत खाता खोलवाने के लिए आपकी उम्र 18 साल होनी जरूरी है.

ICICI बैंक में बचत खाता को मेनटेन करने की 4 कैटगरी बनाई गई है. मेट्रो, सेमी अर्बन, रूरल और ग्रामीण.

मेट्रो के लिए 10,000 रुपये, सेमी अर्बन के लिए 5,000, रुरल के लिए 2,000 और ग्रामीण के लिए 1000 रुपये शर्त हैं.

अगर मिनिमम बैलेंस कम होने पर चार्ज

अगर आप तीन महीने में मिनिमम अवैरेज बैलेंस पूरा नहीं कर पाते हैं तो मेट्रो, अर्बन और सेमी अर्बन और रुरल के खाता धारकों को  100 और मिनिमम अवैरेज बैलेंस पर 5 फीसदी की दर चार्ज देना होगा.

लेकिन ग्रामीण खाता धारकों को 100 रुपये की छूट है. उन्हें मिनिमम अवैरेज बैलेंस का सिर्फ 5 फीसदी चार्ज देना होगा.

ATM से पैसा निकालने का चार्ज

आईसीआईसीआई के एटीएम से 5 बार फ्री निकासी की छूट देता है. जबकि दूसरे बैंकों के एटीएम से सिर्फ 4 बार फ्री निकासी की छूट है. उसके बाद हर निकासी पर 20 रुपये लगेंगे.


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महंगाई की मार: खुदरा महंगाई दर 3.58 फीसदी पर पहुंची, सब्जियां हुईं महंगी

November 15, 2017 0

महंगाई की मार: खुदरा महंगाई दर 3.58 फीसदी पर पहुंची, सब्जियां हुईं महंगी





देश एक बार फिर महंगाई की मार से त्रस्त है. खाने पीने की चीजें और सब्जियों के भाव में तेजी से खुदरा मुद्रास्फीति अक्टूबर में बढ़कर 3.58 प्रतिशत पर पहुंच गयी जो सात महीने में सबसे ज्यादा है. इस साल मार्च में 3.89 प्रतिशत के बाद खुदरा महंगाई दर का यह उच्चतम स्तर है. उपभोक्ता कीमत सूचकांक (सीपीआई) आधारित महंगाई दर सितंबर में 3.28 प्रतिशत थी.

पिछले साल अक्टूबर में यह 4.2 प्रतिशत थी. केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) के मुताबिक खाद्य वस्तुओं की श्रेणी में महंगाई दर अक्टूबर में बढ़कर 1.9 प्रतिशत हो गयी. यह सितंबर में 1.25 प्रतिशत थी. सब्जी खंड में महंगाई दर दोगुनी होकर 7.47 प्रतिशत हो गयी जो सितंबर में 3.92 प्रतिशत थी.

प्रोटीन का प्रमुख स्रोत अंडा, दूध और उसके उत्पादों की महंगाई दर ऊंची रही. हालांकि तिमाही आधार पर अक्टूबर में फलों की कीमतों में कमी आयी. दलहन की महंगाई दर में गिरावट जारी रही और इसमें आलोच्य महीने में 23.13 प्रतिशत की गिरावट आयी. सितंबर में इसमें 22.51 प्रतिशत की गिरावट आयी थी. वहीं तिमाही आधार पर ईंधन और बिजली महंगी हुई. आवास खंड में भी उच्च महंगाई दर दर्ज की गयी. रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति के लिहाज से खुदरा मुद्रास्फीति महत्वपूर्ण है. शीर्ष बैंक मुख्य रूप से इसी आधार पर प्रमुख नीतिगत दर निर्धारण करता है.

अब सबकी नजर मौद्रिक नीति समिति की छठी द्विमासिक बैठक पर होगी. रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल की अध्यक्षता वाली समिति की बैठक 5-6 दिसंबर को होगी. औद्योगिक उत्पादन में नरमी के बीच खुदरा मुद्रास्फीति जून से लगातार बढ़ रही है.
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एमटीएनएल का बुरा हाल, दूसरी तिमाही में 731 करोड़ रुपये का हुआ घाटा

November 15, 2017 0

एमटीएनएल का बुरा हाल, दूसरी तिमाही में 731 करोड़ रुपये का हुआ घाटा

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सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी एमटीएनएल को चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में एकल आधार पर घाटा कम होकर 730.64 करोड़ रुपये रहा. कर्मचारियों को दिये जाने वाले वेतन और अन्य लाभ में कमी से कंपनी का घाटा कम हुआ है.

 इससे पूर्व वित्त वर्ष 2016-17 की इसी तिमाही में कंपनी को 768.32 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था. कर्मचारियों को दिया जाने वाला पारितोषिक और लाभ आलोच्य तिमाही में 623.19 करोड़ रुपये रहा जो एक साल पहले 2016-17 की इसी तिमाही में 699 करोड़ रुपये था.

कंपनी की कुल आय चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में करीब नौ प्रतिशत घटकर 791.1 करोड़ रुपये रही जो इससे पूर्व वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 870.98 करोड़ रुपये थी.
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